Wednesday, October 21st, 2026

कृषि हमारी संस्कृति, जनक और बलराम ने भी चलाए हैं खेतों में हल: पीएम मोदी

 नई दिल्ली 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दे रहे हैं। इससे पहले उन्होंने राज्यसभा में जवाब दिया था। इस दौरान पीएम मोदी ने कृषि कानून, किसान आंदोलन और बजट सहित अन्य मामलों पर सरकार का पक्ष सदन के पटल पर रखा था। हमने किसानों के इंफ्रस्टक्चर के लिए एक लाख करोड़ रुपए की व्यवस्था की है।हम धीरे-धीरे किसानों को फल, फूल और सब्जी उत्पादन की तरफ ले जा सकते हैं।

बड़ा बदलाव करके हमारे किसानों को एक लंबी यात्रा के लिए तैयार करना होगा। हमारे किसान से छोटे किसानों को बीज से लेकेर बाजार तक मुहैया करायी है।  सत्ता में हो या विपक्ष में हर किसी को किसानों के लिए काम करने की आवश्यक्ता है। किसानों को सशक्त बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। हमारे यहां एग्रीकल्चर समाज के कल्चर का हिस्सा रहा है। हमारे पर्व, त्योहार सब चीजें फसल बोने और काटने के साथ जुड़ी रही हैं। यहा राजा जनक और कृषि के भाई बलराम ने भी हल चलाई है। कृषि के क्षेत्र में बदलाव की आवश्यक्ता है। हमारे यहां संभावना है। किसानों को सही तरीके से गाइड करना होगा। कृषि में निवेश की आवश्यक्ता है। केंद्र और राज्य सरकार उतना काम नहीं कर पा रही है। किसान के बस की भी बात नहीं है। आजादी से पहले यहां से चर्चिल को सिगार भेजी जाती थी। इसको लेकर पद भी सृजित किए गए थे। सीसीए का पद आजादी के बाद भी जारी रहा।   जब गुजरात में मुख्यमंत्री बनना तो रिपोर्ट आती थी कि आज कोई बलून नहीं आया कोई पर्चा नहीं आया। उस समय भी यह व्यवस्था लागू थी। आयुष्मान भारत, शौचाल निर्माण की मांग किसी ने नहीं की थी। हमारी सरकार को लगा कि लोक हित में यह जरूरी है। इसलिए हमने यह कदम उठाया।

 देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस पार्टी का यह हाल हो गया है कि राज्यसभा का तबका एक तरफ चलता है और लोकसभा का तबका दूसरी तरफ। शादी की उम्र, शिक्षा के अधिकार की मांग किसी ने नहीं की थी, लेकिन कानून बने। क्योंकि समाज को इसकी जरूरत थी। मैं हैरान हूं पहली बार एक नया तर्क आया है कि हमने मांगा नहीं तो आपने दिया क्यों। दहेज हो या तीन तलाक, किसी ने इसके लिए कानून बनाने की मांग नहीं की थी, लेकिन प्रगतिशील समाज के लिए आवश्यक होने के कारण कानून बनाया गया।  प्रधानमंत्री के संबोधन के दौरान हंगामे पर प्रधानमंत्री विपक्ष पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि अधीर रंजन जी बहुत ज्यादा हो गया। आज क्या हो गया है आपको?  हम मानते हैं कि इसमें सही में कोई कमी हो, किसानों का कोई नुकसान हो, तो बदलाव करने में क्या जाता है। ये देश देशवासियों का है। हम किसानों के लिए निर्णय करते हैं, अगर कोई ऐसी बात बताते हैं जो उचित हो, तो हमें कोई संकोच नहीं है।

 

#पीएम मोदी

Source : Agency

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